अतुलनीय

*अतुलनीय* 

तुलना जिसकी हो नही सकती, 
मान, समान, यश, और वैभव, 
है जिसके पास, 
जन्म से ही यशस्वी होने का 
भाग्य जो लेकर आया था! 

ज्येष्ठ होने का फर्ज़
जिसने निभाया था! 
मुसीबतो से जिसने हार
ना मानी! 
सात फेरो का धर्म निभाया, 
पत्नी को कोमा से बाहर लाया! 
बच्चों पर अनुशासन इतना, 
कि कोई  भी उद्दंड
हो ना पाया! 
पारिवारिक ज़िम्मेदारीयो
को खूब निभाया! 
ऐसे प्रिय बने लोगो के, कि
दफ़्तर में भी नाम खूब कमाया! 

संधी संधन के भी जो बने सहारे,
हर मुसीबत में उनकी खड़े 
होने वाले। 
बहुयो को बेटो से ज्यादा प्यार
करने वाले! 

मौत को भी मात देने वाले, 
जीवन की कठिनायियो से न कभी
हारने वाले! 
प्रेरणास्रोत, अनेको में एक
हमारे *पापा* -
जिनका नाम है
 *   श्री कमल किशोर* !

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